आज जवाहर कला केंद्र स्थित शिल्पग्राम में साहित्य के बाजारीकरण के विरुद्ध राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा आयोजित समानान्तर साहित्य उत्सव में शामिल हुआ।महात्मा गांधी जी के अहिंसा, आश्रम और आज के भारत पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की देश में बेरोजगारी को कम करना है तो बड़े उद्योगों से ज्यादा कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना होगा और देश को गांधी जी की विचारधारा को आगे ले जाना होगा जैसे कि उन्होंने भारत देश को स्वावलंबी बनाने हेतु खादी ग्रामोद्योग की स्थापना की और पूरे देश को सत्य, अहिंसा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया, जिससे स्वतंत्र भारत का निर्माण हुआ।इस साहित्य उत्सव के लिए ऋतुराज अध्यक्ष, ईशमधु तलवार मुख्य संयोजक एवं प्रेमचंद गांधी संयोजक का आभार व्यक्त किया।